Monday, September 28, 2009

रावण


रामायण काल में दुनिया ने केवल एक रावण का सामना किया,लेकिन आज के दौर में ऎसे रावणों की कमी नहीं है, जो इंसानियत के दुश्मन बने हुए हैं। बुराई पर अच्छाई की
विजय के त्योहार दशहरे पर बात करें 10 मोस्ट वांटेड आतंककारियों की जो दुनिया के लिए दशानन बने हुए हैं। विजय पांडे्य की रिपोर्ट-

26/11
मुंबई हमले के सिलसिले में भारत ने इंटरपोल को 13 पाकिस्तानी नागरिकों की सूची सौंपी है। इन पर मुंबई हमले की साजिश रचने का आरोप है।
13000
से ज्यादा अपराधियों के खिलाफ दुनियाभर में इंटरपोल ने रेड कॉर्नर नोटिस जारी कर रखे हैं।

ओसामा बिन लादेन
परेशान मुल्क
अमरीका समेत कई देश
ओसामा बिन मोहम्मद बिन अवाद बिन लादेन दुनिया का नंबर वन मोस्ट वांटेड है। पाकिस्तान-अफगानिस्तान की धूल भरी पहाडियों को ठिकाना बनाए ओसामा के पीछे दुनिया की सबसे ताकतवर और अत्याधुनिक हथियारों से लैस सेना पडी है। जमीन पर अमरीका और ब्रिटेन के सैनिक और आसमान में जासूसी विमान ड्रोन और सुदूर अंतरिक्ष में जासूसी सैटेलाइट ओसामा की खोज में लगी हैं। लेकिन अल कायदा के सरगना ओसामा की पाप की लंका का पता लगाने में ये नाकाम रहे हैं। ओसामा 1998 में केन्या और तंजानिया के अमरीकी दूतावास के सामने हुए बम धमाकों में 200 लोगों की हत्या का दोषी है। अमरीका में 9/11 को हुए सबसे भयानक आतंकी हमले इसी ने करवाए। इसमें 3000 से ज्यादा निर्दोष अमरीकी और विदेशी नागरिक मारे गए। सिविल इंजीनियरिंग में डिग्री लेने वाला ओसामा दुनिया भर में निर्माण नहीं नरसंहार का इंजीनियर बन गया है। 52 साल के इस सऊदी नागरिक पर अमरीकी सरकार ने 25 मिलियन डॉलर का इनाम घोषित कर रखा है। हालांकि हाल ही में पाकिस्तानी राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने ओसामा के मारे जाने का दावा किया है, लेकिन इसकी पुष्टि फिलहाल नहीं हो पाई है।

जोकिन गुजमान लोरिया
परेशान मुल्क
मैक्सिको
नशे की खौफनाक और काली दुनिया का सबसे कुख्यात सरगना है जोकिन गुजमान लोरिया। मैक्सिको का ये ड्रग माफिया अल चापो के नाम से भी जाना जाता है। एक बिलियन डॉलर की अकूत संपत्ति का मालिक अल चापो दुनिया के अमीरों की सूची में 701वें नंबर है। अपराध की दुनिया में 'बॉस' के नाम से कुख्यात चापो पश्चिमी मैक्सिको के दुर्गम और अबूझ पहाडी इलाके से अपनी पाप की लंका चलाता है। दुनिया में कोकीन के इस सबसे बडे काले कारोबारी का जाल अमरीका, मैक्सिको और कोलंबिया समेत कई मुल्कों में फैला है। हेरोइन और मारीजुआना का कारोबारी चापो कोलंबिया से मंगाए गए नशे के सामान को मैक्सिको के रास्ते अमरीका पहुंचाता है। अमरीका, मैक्सिको और इंटरपोल को इस ड्रग माफिया की तलाश है। पांच मिलियन डॉलर का इनामी सरगना 1993 में ग्वाटेमाला पुलिस के हत्थे चढा। इसके बाद करीब साढे सात साल तक इसने मैक्सिको की जेल से बदस्तूर नशे का काला कारोबार जारी रखा। 2001 में अमरीका को प्रत्यर्पण से कुछ ही दिन पहले चापो 78 आदमियों की मदद से लांड्री वैन में छिपकर जेल से भाग निकला।

अलीमजान टोख्टाखुनोब
परेशान मुल्क
उज्बेकिस्तान
अविभाजित सोवियत संघ के उज्बेकिस्तान में जन्मा अलीमजाान टोख्टाखुनोब संगठित अपराध का कुख्यात सरगना है। अवैध हथियारों, ड्रग्स और चोरी की गाडियों को ठिकाने लगाने के काले धंधे का काला कारोबारी है। अंतरराष्ट्रीय खेलों से लेकर सौंदर्य प्रतियोगिताओं की फिक्सिंग में इसका दखल है। 2002 में विंटर ओलंपिक की स्केटिंग प्रतियोगिता में रूस के खिलाडियों के पक्ष में फैसला देने के लिए इसने एक जज को भारी-भरकम रिश्वत दी थी। रिश्वत लेने वाली महिला निर्णायक ने खुद ही इसका खुलासा किया था। दुनिया भर में फिक्सिंग के धंधे का यह सरगना इटली पुलिस के हत्थे चढा था लेकिन इटली सरकार ने बाद में उसे छोड दिया। तभी से पर्दे के पीछे रहकर यह अपना काला कारोबार चला रहा है। इटली पुलिस की गिरफ्त से छूटने के बाद यह अभी तक देखा नहीं गया है लेकिन यह माना जाता है कि अलीमजान रूस में कहीं छिपा हो सकता है।

मैटियो मेसिना डेनारो
परेशान मुल्क
इटली
इटली में माफियाओं का नया गॉडफादर है 47 साल का मैटियो मेसिना डेनारो। डेनारो दुनिया भर में कुख्यात सिसली माफियाओं की दुनिया का नया कू्रर चेहरा है। पोर्श की चमचमाती स्पोर्ट्स कारों, रोलैक्स की हीरे जडी घडियों और महंगे रे बैन के चश्मों का शौकीन डेनारो खतरनाक और क्रूर कातिल है। इटली के माफिया परिवार में पैदा होने वाले डेनारो ने महज 18 साल की उम्र में पहला कत्ल किया था। अब तक ये खुद अपने हाथों से 500 से ज्यादा लोगों को मौत के घाट उतार चुका है। कई सालों से इटली पुलिस का ये सबसे मोस्ट वांटेड चेहरा है। लेकिन इटली पुलिस के पास माफियाओं के इस सरगना की सिर्फ 27 साल पुरानी एक तस्वीर है। करीब दो साल पहले इटली पुलिस ने इसी तस्वीर के आधार पर डेनारो की नई तस्वीर जारी की लेकिन आज तक उसका कोई सुराग नहीं मिल पाया है।

फेलिसिएन काबुगा
परेशान मुल्क
रवांडा
रवांडा का ये अरबपति कारोबारी इंसानियत के सबसे भयावह नरसंहार का दोषी है। 1994 में 100 दिन तक चले भयानक नरसंहार में रवांडा में 80 हजार से ज्यादा लोगों की हत्या की गई। यहां तक मासूम बच्चों को भी नहीं बख्शा। तुत्सी आबादी के देश से सफाए के लिए शुरू हुए हुतु जाति के प्रभाव वाली सरकार के इस अभियान को अरबपति कारोबारी काबुगा ने भारी मदद की। अंतरराष्ट्रीय दखल के बाद जब तक ये कत्लेआम रूका तब तक रवांडा के कई परिवारों का नामोनिशान ही मिट गया। इस भयानक नरसंहार को 15 साल बीत चुके हैं लेकिन इंसानियत के सबसे बडे दुश्मन काबुगा का अब तक कोई सुराग नहीं लगा है। हालांकि अक्सर ऎसी खबरें आती है कि काबुगा केन्या में कहीं पनाह लिए हुए है।

जोसेफ कोनी
परेशान मुल्क
युगांडा, सूडान, कंागो
युगांडा का यह गुरिल्ला छापामार मासूमों का सबसे बडा दुश्मन है। युगांडा में शासन चलाने की मंशा रखने वाले इस शख्स ने दो दशक तक मध्य अफ्रीका के सूडान, कांगो और युगांडा में भयानक आतंक मचाए रखा। लार्ड रेजीस्टेंस आर्मी के सुप्रीमो कोनी ने इस लडाई में हजारों मासूमों को झोंका। इसने तकरीबन 60 हजार बच्चों को गुरिल्ला युद्ध में झोंक दिया। इन मासूमों के हाथ में बंदूक थमाकर इनसे हत्या, रेप जैसे जघन्य अपराध करवाए। इसके चलते तीनों देशों के 20 लाख से ज्यादा लोगों को शरणार्थियों जैसी जिंदगी बितानी पड रही है। कांगो के बडे इलाकों में इसकी पाप की लंका बसी हुई है। 2008 में युगांडा, कांगो और सूडान की सेनाओं ने इसके खिलाफ जबरदस्त अभियान छेडा। इंटरनेशनल क्रिमिनल कोर्ट ने इस भयानक अपराधी के खिलाफ वारंट जारी कर रखा है।

ओमिद तहविली
परेशान मुल्क
अमरीका
अडतीस साल के इस शख्स को अमरीका के साथ कनाडा पुलिस शिद्दत से तलाश रही है। कनाडा में पाप का काला कारोबार कर रहे ईरानी माफियाओं के परिवार का ये युवक जितना शातिर दिमाग है उससे ज्यादा कू्रर भी। ईरान से 1994 में यह कनाडा पहंुचा। इसके महज पांच साल बाद इसने टेलीमार्केटिंग का फर्जी कारोबार शुरू किया। महज तीन साल में इसने हजारों अमरीकी नागरिकों को तीन मिलियन डॉलर से ज्यादा का चूना लगाया। 2005 में अपने ही एक आदमी के अपहरण और शारीरिक शोषण के मामले में ये कनाडा पुलिस के हत्थे चढा। इसे 11 साल की सजा हुई। लेकिन जेल की सलाखें इसे महज दो साल ही कैद रख पाई। 2007 में एक जेल कर्मचारी को 50 हजार डॉलर देने का झांसा देकर ये जेल से भाग निकला। अब दुनिया के दो बडे मुल्कों की पुलिस इसके पीछे है।

जेम्स व्हाइटी
परेशान मुल्क
उत्तरी अमरीका और यूरोप
ड्रग्स और जबरन उगाही के काले कारोबार का सरगना जेम्स व्हाइटी उम्रदराज अपराधी है। विंटर हिल गैंग का सरगना जेम्स तकरीबन 50 मिलियन डॉलर की संपत्ति का मालिक है। जुर्म की काली दुनिया के इस सरगना पर अपने रास्ते में आने वाले हर शख्स की बेरहमी से हत्या करने का भी आरोप है। इसके संबंध उत्तरी अमरीका और यूरोप के हर बडे अपराधी गिरोह से हैं। अमरीकी फेडरल जांच एजेंसी को पिछले एक दशक से इस शातिर अपराधी की तलाश है, लेकिन 78 साल का व्हाइटी एफबीआई की पकड से दूर है। दुनिया के कई अपराधी संगठनों के साथ मिलकर इसका काला कारोबार बदस्तूर जारी है। जेम्स व्हाइटी फिलहाल किस देश में बैठकर अपना काला कारोबार चला रहा है, इसका पता अमरीका की तेजतर्रार पुलिस को भी नहीं है।

दाऊद इब्राहिम
परेशान मुल्क
भारत
महाराष्ट्र के कोंकण इलाके में एक कांस्टेबल के घर पैदा हुआ शेख दाऊद इब्राहिम कास्कर भारत का मोस्ट वांटेड अपराधी है। छोटे-मोटे अपराधों से पाप की दुनिया में एंट्री करने वाला दाऊद आज दुनिया के सबसे बडे संगठित गिरोह डी कंपनी की कमान संभालता है। 1993 मुंबई में थर्रा देने वाले बम धमाके करवाने के बाद ये भारत छोडकर भाग निकला। अब इसने पाकिस्तान के करांची शहर को अपना ठिकाना बना रखा है। पाकिस्तान की कुख्यात एजेंसी आईएसआई के संरक्षण में फिलहाल महफूज है। पाकिस्तान से ही बैठकर दाऊद आतंकवाद, नकली नोटों, नशीले पदाथोंü के काले कारोबार को संचालित करता है। भारत के मोस्ट वांटेड दाऊद की तलाश इंटरपोल को भी है। अमरीका ने 2003 में इसे ग्लोबल आतंकी घोषित किया।

हाफिज मोहम्मद सईद
परेशान मुल्क
भारत
आतंकवादी संगठन लश्कर ए तैयबा के सुप्रीमो हाफिज मोहम्मद सईद भारत का दुश्मन नंबर दो है। हाफिज के पुरखे भारत से ही पाकिस्तान गए। भारत विभाजन के वक्त पाकिस्तान जाते हुए इसके परिवार के 36 लोग मारे गए थे। भारत पाक विभाजन के तीन साल बाद पैदा हुए हफीज के दिलोदिमाग में भारत के खिलाफ कूट-कूटकर जहर भरा हुआ है। मुंबई के 7/11 हमलों के पीछे इसी का हाथ है। पाकिस्तान की कुख्यात खुफिया एजेंसी आईएसआई के साथ मिलकर इसने मुंबई हमलों की साजिश रची। इंटरपोल ने इसके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी कर रखा है।

आतंक का अंत
2009 एशिया में आतंक के दो बडे रावणों के खात्मे का भी साल है। अपनों के बीच हीरो और विरोधियों के बीच विलेन की छवि वाले इन सरदारों के साम्राज्य के खात्मे में उनके अपने ही विभीषण बने।

वेलुपिल्लई प्रभाकरण
दुनिया के ताकतवर गुरिल्ला प्रमुख प्रभाकरण 18 मई 2009 को श्रीलंकाई सेना ने मार गिराया। नेपोलियन, सिंकदर, सुभाषचंद्र बोस और भगत सिंह से प्रभावित प्रभाकरण श्रीलंका में तमिल हितों की हिंसक लडाई लड रहा था। आतंकवाद, हत्या और संगठित अपराध के लिए इंटरपोल ने 1990 में प्रभाकरण को वांटेड घोषित किया था। श्रीलंकाई मीडिया रिपोर्ट की मानें तो कभी प्रभाकरण का दाहिना हाथ रहा उसका कमांडर करूणा श्रीलंकाई सेना के साथ मिलने की वजह से प्रभाकरण मारा गया।

बैतुल्लाह महसूद
पाकिस्तान का मोस्ट वांटेड बैतुल्लाह महसूद अगस्त महीने की पांच तारीख को मारा गया। 25 करोड रूपए का इनामी आतंकी सरदार अपने ससुर के घर अमरीकी मानवरहित ड्रोन विमानों के हमले में मारा गया। अमरीकी मीडिया रिपोर्ट की मानें तो पाकिस्तान के इस रावण के लिए विभीषण बना उसका ससुर। उसी ने अमरीकी सेना को बैतुल्लाह के अपने यहां होने की खुफिया सूचना दी थी। पाकिस्तान के वजीरिस्तान इलाकों का कू्रर कबीलाई सरगना बैतुल्लाह महसूद पाकिस्तान की पूर्व प्रधानमंत्री बेनजीर भुट्टो की हत्या का भी दोषी था।

No comments:

Post a Comment

Note: Only a member of this blog may post a comment.